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सशक्त भारत के निर्माण में मातृशक्ति की बड़ी महत्वपूर्ण भूमिका :योगी आदित्यनाथ , मुख्यमंत्री

राहुल यादव / लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सशक्त भारत के निर्माण में मातृशक्ति की बड़ी महत्वपूर्ण भूमिका है। सशक्त भारत के निर्माण के लिए स्वस्थ भारत और स्वस्थ भारत के लिए स्वच्छ भारत आवश्यक है। महिला सरपंच और ग्राम प्रधान स्वच्छ भारत अभियान, स्वच्छ पेयजल आपूर्ति तथा केन्द्र व राज्य सरकार की योजनाओं से पात्र ग्रामवासियों को जोड़कर स्वावलम्बी और खुशहाल गांव के निर्माण के साथ ही स्वच्छ, समर्थ और सशक्त भारत के निर्माण में अपना योगदान कर सकती हैं।
मुख्यमंत्री आज यहां अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित ‘स्वच्छ शक्ति-2018’ सम्मेलन में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। महिलाओं को अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस की बधाई देते हुए मुख्यमंत्री जी ने कहा कि स्वच्छ शक्ति के रूप में महिला सरपंच और ग्राम प्रधान ग्रामीण जीवन में उल्लेखनीय बदलाव ला सकते हैं।
योगी ने कहा कि राज्य सरकार ने अक्टूबर, 2018 तक पूरे प्रदेश को खुले में शौच से मुक्त (ओ0डी0एफ0) करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। 11 महीने के अभी तक के कार्यकाल में राज्य सरकार द्वारा 35 लाख व्यक्तिगत शौचालयों का निर्माण कराया गया है। शामली, गाजियाबाद, हापुड़, बिजनौर, मेरठ, गौतमबद्धनगर, बागपत और मुजफ्फरनगर जनपदों सहित 19 हजार से अधिक गांवों को ओ0डी0एफ0 घोषित किया गया है। गंगा जी को स्वच्छ एवं प्रदूषण मुक्त करने के लिए प्रदेश के 25 जनपदों के गंगा जी के किनारे के 1605 गांवों को ओ0डी0एफ0  किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा 24 अप्रैल, 2017 को ‘मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार योजना’ की घोषणा की गई थी। इसके अन्तर्गत कुल 375 पुरस्कार दिए जाने की व्यवस्था है। प्रत्येक जनपद की पांच सर्वाेत्कृष्ट पंचायतों क्रमशः 06 लाख रुपये, 05 लाख रुपये, 03 लाख रुपये, 2.5 लाख रुपये एवं 1.5 लाख रुपये के पुरस्कार दिए जाएंगे।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए केन्द्रीय पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री सुश्री उमा भारती ने कहा कि 21वीं सदी भारत की और भारतीय नारी की होगी। भारतीय महिलाएं हर क्षेत्र में कामयाबी हासिल कर रही हैं। अब उन्हें आर्थिक रूप से स्वावलम्बी बनाये जाने की आवश्यकता है। स्वरोजगार इसमें बड़ी भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को साफ-सुथरी और स्वच्छ जिन्दगी का अधिकार है। इसलिए उन्हें सेनेटरी नेपकिन उपलब्ध कराने के लिए उनका मंत्रालय काम करेगा। उन्होंने कहा कि कौशल विकास मिशन के माध्यम से प्रशिक्षित होकर महिलाएं सेनेटरी नेपकिन बनाने के कार्य को स्वरोजगार के रूप में भी अपना सकती है।
इस मौके पर स्वच्छता अभियान में उत्कृष्ट कार्य करने वाली 30 महिलाओं
(12 महिला ग्राम प्रधान, 11 महिला स्वच्छाग्रही तथा 07 महिला अधिकारी) को सम्मानित किया गया। इनमें से 05 महिला ग्राम प्रधानों गाजियाबाद की अरुणिमा त्यागी, अमरोहा की रितु देवी, ललितपुर की ज्योति मिश्रा, कुशीनगर की आरती देवी तथा सोनभद्र की  रेखा मौर्या तथा 05 स्वच्छाग्रहियों कौशाम्बी की आराधना मिश्रा, हाथरस की  सुमन कुमारी, मुजफ्फरनगर की पूजा मैनवाल, आजमगढ़ की  पूनम सिंह तथा मऊ की साहिबा बानो को मुख्यमंत्री जी ने स्वयं सम्मानित किया।
कार्यक्रम के दौरान केन्द्रीय पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय की एक फिल्म का प्रस्तुतिकरण भी किया गया। कार्यक्रम को पंचायतीराज मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) भूपेन्द्र सिंह चैधरी तथा केन्द्रीय पेयजल एवं स्वच्छता सचिव परमेश्वरन अय्यर ने भी सम्बोधित किया।
इस अवसर पर केन्द्रीय कृषि राज्य मंत्री कृष्णाराज, प्रदेश सरकार में मंत्री रीता बहुगुणा जोशी, स्वाती सिंह, अर्चना पाण्डेय, बलदेव ओलख, लखनऊ की महापौर संयुक्ता भाटिया, केन्द्रीय स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के महानिदेशक अक्षय राउत, अपर मुख्य सचिव पंचायतीराज चंचल कुमार तिवारी सहित शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी तथा बड़ी संख्या में महिला ग्राम प्रधान एवं महिला स्वच्छाग्रही उपस्थित थीं।
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