Saturday , February 24 2018
Breaking News

मंगलवार को भी शेयर बाजार में भारी गिरावट का दौर जारी , सेंसेक्स करीब 1200 अंक नीचे खुला तो निफ्टी भी 350 से ज्यादा अंक नीचे पहुँचा

नई दिल्ली : मंगलवार को भी भारी गिरावट का दौर सुबह सुबह दिखाई दिया. सेंसेक्स करीब 1200 अंक नीचे खुला तो निफ्टी भी 350 से ज्यादा अंक नीचे कारोबार कर रहा था. बता दें कि सेंसेक्स 800 अंकों की गिरावट के साथ खुला था. भारतीय शेयर बाजारों में यह गिरावट की वजह माना जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में गिरावट. जानकारों का मानना है कि निवेशकों को सोच समझकर बाजार में फिलहाल निवेश करना चाहिए. उनका कहना है कि अभी गिरावट का दौर जारी और यह दौर कुछ दिन और चल सकता है, इसलिए सभी को समझदारी के साथ बाजार में पैसा लगाना चाहिए.अरुण जेटली  ने सोमवार को कहा था कि बाजार में लगातार जारी गिरावट की वजह आम बजट में शेयरों में कमाई पर दीर्घकालीन पूंजीगत लाभ (एलटीसीजी) कर लगाया जाना नहीं बल्कि वैश्विक कारक हैं. जेटली का बयान ऐसे समय में आया, जब शेयर बाजार में नवंबर 2016 के बाद से शुक्रवार को सबसे भारी गिरावट दर्ज की गई थी. आम बजट 2018-19 में शेयरों से कमाई पर एलटीसीजी कर दोबारा लगाए जाने के ऐलान के बाद बाजार लुढ़के थे. शुक्रवार के कारोबार में सेंसेक्स में 800 अंकों से अधिक की एकदिनी गिरावट हुई थी जबकि निफ्टी सूचकांक में 200 से अधिक गिरावट दर्ज की गई थी.

1 फरवरी को वित्तमंत्री अरुण जेटली ने संसद में बजट पेश किया. बजट के कुछ प्रस्तावों को लेकर निवेशकों की चिंता तथा वैश्विक स्तर पर बिकवाली से शेयर बाजारों में गिरावट का सिलसिला सोमवार को लगातार पांचवें दिन जारी रहा तथा सेंसेक्स 310 अंक टूटकर 34,757.16 अंक के तीन सप्ताह के निचले स्तर पर आ गया था. निफ्टी में भी 94 अंक की गिरावट आई थी और यह 10,667 अंक पर आ गया. पिछले सप्ताह बजट में सरकार ने शेयरों पर 10 प्रतिशत का पूंजीगत लाभ कर (कैपिटल गेन टैक्‍स) लगाने का प्रस्ताव किया है. इससे निवेशक चिंतित हैं. इसके अलावा राजकोषीय घाटे के लक्ष्य से चूकने से भी बाजार धारणा प्रभावित हुई है.

एक फरवरी को बजट पेश होने के बाद से सेंसेक्स तीन सत्रों में 1,208 अंक से अधिक नीचे आ चुका है. वहीं निफ्टी 361 अंक टूटा है. ब्रोकरों ने कहा कि निवेशकों ने रिजर्व बैंक की मौद्रिक समीक्षा से पहले सतर्कता का रुख अपनाया हुआ है. उनका मानना है कि मुद्रास्फीति को लेकर बढ़ती चिंता की वजह से केंद्रीय बैंक रेपो दर बढ़ा सकता है.

वैश्विक स्तर पर एशियाई बाजारों में भी गिरावट आई, जबकि शुरुआती कारोबार में यूरोपीय बाजार भी नीचे चल रहे हालांकि, सरकार ने सोमवार को बजटीय प्रस्तावों लेकर चिंता को नजरअंदाज करते हुए कहा कि शेयरों में गिरावट वैश्विक बाजारों के रुख की वजह से है. जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘बांड प्राप्ति तथा कमजोर वैश्विक बाजारों से यहां बिकवाली का सिलसिला जारी है. बाजार की निगाह अब रिजर्व बैंक की आगामी मौद्रिक समीक्षा बैठक पर है. हालांकि अनुमान लगाया जा रहा है कि केंद्रीय बैंक ब्याज दरों के मोर्चे पर यथास्थिति कायम रखेगा।

Loading...

Check Also

बैरियर फ्री आशा स्कूल का द्वितीय वार्षिक समारोह ‘ए डे इन पैराडाइज’ विषयाधारित , हर्षोल्लास व रंगारंग कार्यक्रमों के साथ मनाया गया

अशोक यादव / लखनऊ : लखनऊ छावनी स्थित आशा स्कूल का द्वितीय वार्षिक  समारोह पुनीत दत्त प्रेक्षागृह में ...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *