Breaking News

अमेरिका में पचास साल पुराने एक चर्च को स्‍वामीनारायण मंदिर में तब्‍दील कर दिया गया

डेलावरे / नई दिल्ली / लखनऊ  : अमेरिका में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पचास साल पुराने एक चर्च को नई पहचान मिली है। जी हां! चर्च को स्‍वामीनारायण मंदिर में तब्‍दील कर दिया गया है। यह मामला अमेरिका के डेलावरे का है। नवंबर में इसमें प्राण प्रतिष्‍ठा की गई थी। अहमदाबाद के स्‍वामीनारायण संस्‍थान द्वारा दुनियाभर में अब तक पांच चर्च को मंदिर में बदला जा चुका है। इनमें से तीन अमेरिका में स्थित हैं। स्‍वामीनारायण संस्‍थान की शाखाएं दुनिया के अनेक देशों में हैं, जिसके जरिये हिंदू धर्म के प्रचार-प्रसार का काम किया जाता है।डेलावरे से पहले स्‍वामीनारायण संस्‍थान कैलिफोर्निया और केंटुकी स्थित चर्च को अपने अधिकार में लेकर उसे मंदिर के रूप में पहचान दे चुका है। संस्‍था ब्रिटेन में भी दो चर्चों को नई पहचान दे चुका है। इनमें से एक लंदन और दूसरा बोल्‍टन (मैनचेस्‍टर) में है। ‘टाइम्‍स ऑफइंडिया’ की रिपोर्ट के अनुसार, स्‍वामीनारायण संस्‍था के प्रशासक वासु पटेल ने बताया कि 2014-15 में हाईलैंड मेनॉनाइट चर्च को अधिकार में लिया गया था। इसके बाद तीन वर्षों में इसे नए सिरे से तैयार कर मंदिर का रूप दिया गया था। उनके मुताबिक, जिर्णोद्धार का कार्य पूरा होने के बाद भारत से विशेष तौर पर लाए गए दो शिखर और एक गुंबद को इसमें स्‍थापित किया गया था। वासु पटेल ने बताया कि तीन हजार वर्ग फुट में फैले इस चर्च को मंदिर में तब्‍दील करने में तकरीबन 1.45 मिलियन डॉलर (9.28 करोड़ रुपये) का खर्च आया था।

बेकार पड़ा था चर्च: चर्च बेकार पड़ा था, जिसके बाद स्‍वाीमानारायण संस्‍थान ने इसका अधिग्रहण करने का फैसला लिया था। इस मंदिर में भगवान स्‍वामीनारायण के अलावा भगवान हनुमान और गणेश की प्रतिमा भी स्‍थापित की गई है। डेलावरे में हिंदु समुदाय के करीब 700 लोग रहते हैं। इसे देखते हुए संस्‍थान को उम्‍मीद है कि आने वाले समय में यह सांस्‍कृतिक केंद्र के रूप में उभरेगा। यहां धार्मिक के अलावा सांस्‍कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।

Loading...

Check Also

महराजगंज जिले में सामने आया धर्म परिवर्तन का मामला, गुप्त सुचना के बाद पुलिस ने धर्म परिवर्तन कराते युवक को गिरफ्तार किया

लखनऊ-महाराजगंज : यूपी के महराजगंज जिले में धर्म परिवर्तन का एक चौंकाने वाला मामला उस समय ...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *